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फ़रवरी 20, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

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सालों बाद उसकी कॉल आई मेरे पास-Saalo bad uski call aayi mere pass , very sad love story in hindi

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हेलो दोस्तों मैं हूं आपका दोस्त आर्यन , मैं एक राइटर हूं और मैं कहानियां सुनाता हूँ , मेरे ब्लॉग में आपका स्वागत है और आज मैं सुनाने जा रहा हूँ “सालों बाद उसकी कॉल आई मेरे पास .....” एक ऐसी लव स्टोरी जो आपकी मोहब्बत कि यादों को ताजा कर दी कि अगर आपने भी सच अगर सच्चा प्यार किया होगा तो किसी से तो ये लव स्टोरी  आपके दिल और दिमाग को रुला देगी , औऱ बोलेगी , ये मोहबत इतना कमबख्त क्यूँ होता हैं ... ये 2022 कि मेरी पहली लव स्टोरी हैं , आप सभी विवेर्स  को HAPPY NEW YEAR   🙏😍  आर्यन के तरफ़ से अगर ये लव स्टोरी पसंद आए तो अपना बहुमूल्य कमेंट देकर जरूर बताना , हमें मोटिवेशन मिलेगा , लिखिका के लिए .... तो चलिए शुरू करते हैं इस क्यूट सी सैड स्टोरी को 😔😣😓 सालों बाद उसकी कॉल आई मेरे पास .....” यही रात के करीब 1:30 बज रहे थे मैं जगा हुआ था। इंस्टाग्राम पर फीड्स स्क्रॉल कर रहा था memes देख रहा था अचानक एक अननोन नंबर से कॉल आई..... मुझे समझ में नहीं आया कि इतनी रात को आखिर कौन हो सकता है मैंने सोचा इग्नोर कर देता हूं अगर कोई इंपॉर्टेंट कॉल होगी तो दोबारा आ जाएगी। I ignore it , लेकिन वो ऑफ फिर आई मै

माँ का बलिदान-sacrifies of mother

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Child and mother love 😍 माँ मानो दुनिया का स्वर्ग इस शब्द में छुपा हो , वो माँ जो हमे बेइंतिहा प्यार करती हैं , बिना किसी स्वार्थ के , माँ के बिना ये दुनिया अधूरा सा अधूरा सा लगता हैं। उनका प्यार हमारे लिए साफ़ होता हैं, हर वक़्त वो हमारे बारे में सोचते रहती हैं, माँ से बढ़ कर दुनिया में कोई और चीज़ नहीं हैं। मैं हु आपका दोस्त आर्यन और मैं आपको सुनाने जा रहा हु माँ का बलिदान की कहानी , जिसे पढ़ कर भावुक हो जाओगे। माँ का बलिदान Jacks and one eye mother  यह कहानी है एक बच्चे की जिसका नाम जैक्स होता हैं वह गाँव में अपनी माँ के साथ रहता था और देखने मैं काफ़ी प्यार था। उसकी माँ का एक आँख नहीं थीं , इसीलिए वो बदसूरत  देखती थी। जब जैक्स छोटा था तो वह अपनी माँ से बहुत प्यार करता था। समय के साथ जब जैक्स बड़ा हुआ हुआ तो उसने देखा माँ की केवल एक आँख थी। जैक्स को अपनी माँ से  नफ़रत होने लगी.... वह एक ऐसी शर्मिंदगी थी। जैक्स की माँ ने पिस्सू बाजार में एक छोटी सी दुकान चलाती थीं। उसने थोड़ा खरपतवार इकट्ठा किया और बेचने के लिए पेप्सी बाज़ार गयी  हमें कुछ पैसो की जरूरत भी था। एक दिन मेरे स्कूल में PTM(पेरेंट