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अप्रैल 23, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

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सालों बाद उसकी कॉल आई मेरे पास-Saalo bad uski call aayi mere pass , very sad love story in hindi

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हेलो दोस्तों मैं हूं आपका दोस्त आर्यन , मैं एक राइटर हूं और मैं कहानियां सुनाता हूँ , मेरे ब्लॉग में आपका स्वागत है और आज मैं सुनाने जा रहा हूँ “सालों बाद उसकी कॉल आई मेरे पास .....” एक ऐसी लव स्टोरी जो आपकी मोहब्बत कि यादों को ताजा कर दी कि अगर आपने भी सच अगर सच्चा प्यार किया होगा तो किसी से तो ये लव स्टोरी  आपके दिल और दिमाग को रुला देगी , औऱ बोलेगी , ये मोहबत इतना कमबख्त क्यूँ होता हैं ... ये 2022 कि मेरी पहली लव स्टोरी हैं , आप सभी विवेर्स  को HAPPY NEW YEAR   🙏😍  आर्यन के तरफ़ से अगर ये लव स्टोरी पसंद आए तो अपना बहुमूल्य कमेंट देकर जरूर बताना , हमें मोटिवेशन मिलेगा , लिखिका के लिए .... तो चलिए शुरू करते हैं इस क्यूट सी सैड स्टोरी को 😔😣😓 सालों बाद उसकी कॉल आई मेरे पास .....” यही रात के करीब 1:30 बज रहे थे मैं जगा हुआ था। इंस्टाग्राम पर फीड्स स्क्रॉल कर रहा था memes देख रहा था अचानक एक अननोन नंबर से कॉल आई..... मुझे समझ में नहीं आया कि इतनी रात को आखिर कौन हो सकता है मैंने सोचा इग्नोर कर देता हूं अगर कोई इंपॉर्टेंट कॉल होगी तो दोबारा आ जाएगी। I ignore it , लेकिन वो ऑफ फिर आई मै

Heart Touching Friendship Story in Hindi

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हैल्लो दोस्तों- मैं हूं आपका दोस्त आर्यन औऱ में लेकर आ गया हूं एक सच्चे दोस्त की कहानी जिसे पढ़ कर आपको अहसाह होगा कि दोस्त का होना लाइफ में कितना मैटर करता हैं। कहानी छोटी हैं लेक़िन आपके दिल को छू जिएगी, क्योंकि इस कहानी में गहराई बहुत है। True story in hindi  - READ यह कहानी हैं दो सच्चे दोस्त कि जिनमे दोस्ती बहुत गहरी होती हैं। एक दिन राहुल ऑफिस से अपने घर गया। वह उस दिन काफी ज्यादा व्यस्त था और वह काम की वजह से पूरी तरह से थक गया था। उसने घंटी बजाई और उसके दोस्त विवेक ने दरवाजा खोला। तभी राहुल वॉशरूम में फ्रेश होने चला गया और तब तक उसके दोस्त विवेक ने खाने को टेबल सेट करने लगा। ताकि दोनों दोस्तों आराम से साथ बैठ कर खा सके Mother loves  - READ उसका दोस्त विवेक बहुत अच्छा कुक हैं और उसने राहुल के लिए उसके मन पसंदीदा व्यंजन तैयार किया था। वे दोनों अपने दिन के बारे में बातें करते थे और शांति से रात का खाना खाते थे। और उसके बाद में, उन्होंने लैपटॉप पर अपनी पसंदीदा फिल्म देखने का फैसला किया। दोपहर 2 बजे के आसपास राहुल सो गए।  लेकिन विवेक बैड के कोने पर बैठा था और दीवार को घूर रहा था। वह अ