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अगस्त 29, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

किस्सा पहले पहले प्यार का-True Love Stories in India

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  किस्सा पहले पहले प्यार का-True Love Stories in India आपने कितनी सारी लव स्टोरी सुनी होगी और पढ़ा होगा आपने लेकिन में जो लव स्टोरी सुनाने जा रहा हूँ वो औरो से बेहद खास और दिलचस्प हैं 💔😔 ये स्टोरी आपका दिल जीत लेगी। दोस्तो! यह एक प्यार भरी मेरे जीवन की एक सच्ची दास्ताँ है, जिसने मुझे एक ऐसा शक्स दिया, जिसके लिये मैं कुछ भी करने को तैयार था. जो मेरे दिल की गहराईयों तक गयी, जिसके लिये मैं किसी और की तरफ भी नहीं देखता था! घर के हालात ही कुछ ऐसे थे की आधा घर किराये पर देना पड़ा. और किस्मत देखो की घर को किराये पर लेने आई दो लड़कियां. दोनों बहने थी. बड़ी बहनबेहद ही खूबसूरत थी और कॉलेज में पड़ती थी. छोटी अभी स्कूल में ही थी. स्टूडेंट्स होने की वजह से हमने उन्हें जल्दी से घर किराये पर दे दिया! मैं भी उन दिनों कॉलेज में ही पड़ता था. उस उम्र के किसे भी लड़के की तरह, मेरी भी इच्छा थी की मैं दुनिया जीत लूँ. अपने नए पडोसी को देख के बहुत  ही उत्साहित था पर बात करने की कभी हिम्मत नहीं हुई. लगता था कि, कोई और लड़का था उसकी जिंदिगी में. अपने मन को बार बार यह कह के समझाता था की यार, "वो तुझ से

काश उसे कोई पति अच्छा मिलता-Romantic love story for girlfriend in Hindi

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काश उसे कोई पति अच्छा मिलता-Romantic love story for girlfriend in Hindi आपने कितनी सारी लव स्टोरी सुनी होगी और पढ़ा होगा आपने लेकिन में जो लव स्टोरी सुनाने जा रहा हूँ वो औरो से बेहद खास और दिलचस्प हैं 💔😔 ये स्टोरी आपका दिल जीत लेगी। दोस्तो! यह एक प्यार भरी मेरे जीवन की एक सच्ची दास्ताँ है, जिसने मुझे एक ऐसा शक्स दिया, जिसके लिये मैं कुछ भी करने को तैयार था. जो मेरे दिल की गहराईयों तक गयी, जिसके लिये मैं किसी और की तरफ भी नहीं देखता था!  मेरी मुहब्बत की कहानी कुछ अलग है। यह उस समय की बात है जब मैं बीए कर रहा था। जिस मकान में मैं रहता था, उस मकान मलिक की बेटी से प्यार करने लगा। लेकिन वह मुझे उस नज़र से नही देखती थी।  मैं उसकी मुहब्बत में पागल हो गया था।आख़िर एक दिन मैंने इज़हार-ए-मुहब्बत कर ही दिया। लेकिन जवाब वही जिसका डर था। उसने ना कर दी। मेरा तो दिल ही टूट गया। मैं उसके आगे बहुत रोया। इससे उसे लगा कि मेरा प्यार सच्चा है। फिर उसे भी मुझसे मुहब्बत हो गई। हम दोनों बहुत खुश थे।  रात में चुपके-चुपके छत पर मिलते थे। हम लोगों ने कभी कोई ग़लती नही की, बस एक-दूसरे की बांहों में समा कर घंटों