My Dream Girl मेरे सपनों की परी Heart Touching Love Story

चित्र
हेलो दोस्तों मैं हूं आपका दोस्त आर्यन , मैं एक राइटर हूं और मैं कहानियां लिखता हूँ , मेरे ब्लॉग में आपका स्वागत है और आज मैं सुनाने जा रहा हूँ एक कहानी, जिसका नाम हैं मेरे सपनों कि रानी न जाने वो आसमान की परी थीं या दिल चुराने वाली सहजादी , जो भी थीं आज उसने मेरा भी दिल चुरा लिया उसकी एक झलक ने........मेरे दिल पे ऐसा जादू  किया कि बस मेरा दिल उसकी एक झलक देखने को  बेकरार हैं ......कौन थी वो , और कहा चली गई.....तो शुरू करते हैं अपनी लव स्टोरी को .....💔 My Dream Girl मेरे सपनों की परी Heart Touching Love Story प्यार जीवन का वह खूबसूरत एहसास होता हैं जो जीवन को और भी खूबसूरत बना देता हैं। यह खूबसूरत एहसास सभी के जीवन में कम से कम एक बार तो हुआ ही होगा, जो उनके जीवन के सबसे खूबसूरत यादें में से एक होता हैं। तो चलिए शुरू करते हैं हम आज की कहानी जिसका नाम हैं  My Dream Girl  मेरे सपनों की परी  Hindi Love Story ।  यह कहानी मेरी ( आर्यन ) है मैं पेशे से एक डॉक्टर हूँ, दिखने में बहुत सामान्य सा हूँ। वैसे तो मुझे घर में सभी बहुत प्यार करते हैं, पर मुझे दुख इस बात का था कि मेरे परिवार के अलावा म

Inspiring short stories on positive attitude, सकारात्मक दृष्टिकोण पर प्रेरक लघु कथाएँ हिंदी में

Inspiring short stories on positive attitude, सकारात्मक दृष्टिकोण पर प्रेरक लघु कथाएँ हिंदी में


#चार_मोमबत्तियां

चार मोमबत्तियों कि कहानी


A Hindi Motivational Story on Peace, Faith Love and Hope


रात का समय था, चारों तरफ सन्नाटा पसरा हुआ था , नज़दीक ही एक कमरे में चार मोमबत्तियां जल रही थीं। एकांत पा कर आज वे एक दुसरे से दिल की बात कर रही थीं।


पहली मोमबत्ती बोली, ” मैं शांति हूँ , पर मुझे लगता है अब इस दुनिया को मेरी ज़रुरत नहीं है , हर तरफ आपाधापी और लूट-मार मची हुई है, मैं यहाँ अब और नहीं रह सकती। …” और ऐसा कहते हुए , कुछ देर में वो मोमबत्ती बुझ गयी।

Inspiring short stories on positive attitude, सकारात्मक दृष्टिकोण पर प्रेरक लघु कथाएँ हिंदी में


दूसरी मोमबत्ती बोली , ” मैं विश्वास हूँ , और मुझे लगता है झूठ और फरेब के बीच मेरी भी यहाँ कोई ज़रुरत नहीं है , मैं भी यहाँ से जा रही हूँ …” , और दूसरी मोमबत्ती भी बुझ गयी।


तीसरी मोमबत्ती भी दुखी होते हुए बोली , ” मैं प्रेम हूँ, मेरे पास जलते रहने की ताकत है, पर आज हर कोई इतना व्यस्त है कि मेरे लिए किसी के पास वक्त ही नहीं, दूसरों से तो दूर लोग अपनों से भी प्रेम करना भूलते जा रहे हैं ,मैं ये सब और नहीं सह सकती मैं भी इस दुनिया से जा रही हूँ….” और ऐसा कहते हुए तीसरी मोमबत्ती भी बुझ गयी।


वो अभी बुझी ही थी कि एक मासूम बच्चा उस कमरे में दाखिल हुआ।


मोमबत्तियों को बुझे देख वह घबरा गया , उसकी आँखों से आंसू टपकने लगे और वह रुंआसा होते हुए बोला ,
“अरे , तुम मोमबत्तियां जल क्यों नहीं रही , तुम्हे तो अंत तक जलना है ! तुम इस तरह बीच में हमें कैसे छोड़ के जा सकती हो ?

सकारात्मक दृष्टिकोण पर प्रेरक लघु कथाएँ हिंदी में


तभी चौथी मोमबत्ती बोली , ” प्यारे बच्चे घबराओ नहीं, मैं आशा हूँ और जब तक मैं जल रही हूँ हम बाकी मोमबत्तियों को फिर से जला सकते हैं। “


यह सुन बच्चे की आँखें चमक उठीं, और उसने आशा के बल पे शांति, विश्वास, और प्रेम को फिर से प्रकाशित कर दिया।

Inspirational story of students in hindi


मित्रों , जब सबकुछ बुरा होते दिखे ,चारों तरफ अन्धकार ही अन्धकार नज़र आये , अपने भी पराये लगने लगें तो भी उम्मीद मत छोड़िये….आशा मत छोड़िये , क्योंकि इसमें इतनी शक्ति है कि ये हर खोई हुई चीज आपको वापस दिल सकती है। अपनी आशा की मोमबत्ती को जलाये रखिये ,बस अगर ये जलती रहेगी तो आप किसी भी और मोमबत्ती को प्रकाशित कर सकते हैं।


#फूटा_घड़ा


फूटा घड़ा , एक बेहद ही प्रेणादायक कहानी


 
बहुत  समय  पहले  की  बात  है  , किसी  गाँव  में  एक   किसान  रहता  था . वह  रोज़   भोर  में  उठकर  दूर  झरनों  से  स्वच्छ  पानी  लेने  जाया   करता  था . इस  काम  के  लिए  वह  अपने  साथ  दो  बड़े  घड़े  ले  जाता  था , जिन्हें  वो  डंडे  में   बाँध  कर  अपने कंधे पर  दोनों  ओर  लटका  लेता  था .


उनमे  से  एक  घड़ा  कहीं  से  फूटा  हुआ  था  ,और  दूसरा  एक  दम  सही  था . इस  वजह  से  रोज़  घर  पहुँचते -पहुचते  किसान  के  पास  डेढ़  घड़ा   पानी  ही बच  पाता  था .ऐसा  दो  सालों  से  चल  रहा  था .

 
सही  घड़े  को  इस  बात  का  घमंड  था  कि  वो  पूरा  का  पूरा  पानी  घर  पहुंचता  है  और  उसके  अन्दर  कोई  कमी  नहीं  है  ,  वहीँ  दूसरी  तरफ  फूटा  घड़ा  इस  बात  से  शर्मिंदा  रहता  था  कि  वो  आधा  पानी  ही  घर  तक  पंहुचा   पाता  है  और  किसान  की  मेहनत  बेकार  चली  जाती  है .   फूटा घड़ा ये  सब  सोच  कर  बहुत  परेशान  रहने  लगा  और  एक  दिन  उससे  रहा  नहीं  गया , उसने  किसान   से  कहा , “ मैं  खुद  पर  शर्मिंदा  हूँ  और  आपसे  क्षमा  मांगना  चाहता  हूँ ?”


“क्यों  ? “ , किसान  ने  पूछा  , “ तुम  किस  बात  से  शर्मिंदा  हो ?”


“शायद  आप  नहीं  जानते  पर  मैं  एक  जगह  से  फूटा  हुआ  हूँ , और  पिछले  दो  सालों  से  मुझे  जितना  पानी  घर  पहुँचाना  चाहिए  था  बस  उसका  आधा  ही  पहुंचा  पाया  हूँ , मेरे  अन्दर  ये  बहुत बड़ी  कमी  है , और  इस  वजह  से  आपकी  मेहनत  बर्वाद  होती  रही  है .”, फूटे घड़े ने दुखी होते हुए कहा.


किसान  को  घड़े  की  बात  सुनकर  थोडा  दुःख  हुआ  और  वह  बोला , “ कोई  बात  नहीं , मैं  चाहता  हूँ  कि  आज  लौटते  वक़्त  तुम   रास्ते में  पड़ने  वाले  सुन्दर  फूलों  को  देखो .”

 
घड़े  ने  वैसा  ही  किया , वह  रास्ते  भर  सुन्दर  फूलों  को  देखता  आया , ऐसा करने से  उसकी  उदासी  कुछ  दूर  हुई  पर  घर  पहुँचते – पहुँचते   फिर  उसके  अन्दर  से  आधा  पानी  गिर  चुका  था, वो  मायूस  हो  गया  और   किसान  से  क्षमा  मांगने  लगा .


किसान  बोला ,” शायद  तुमने  ध्यान  नहीं  दिया  पूरे  रास्ते  में  जितने   भी  फूल  थे  वो  बस  तुम्हारी  तरफ  ही  थे , सही  घड़े  की  तरफ  एक  भी  फूल  नहीं  था . ऐसा  इसलिए  क्योंकि  मैं  हमेशा  से  तुम्हारे  अन्दर  की  कमी को   जानता  था , और  मैंने  उसका  लाभ  उठाया . मैंने  तुम्हारे  तरफ  वाले  रास्ते  पर   रंग -बिरंगे  फूलों के  बीज  बो  दिए  थे  , तुम  रोज़  थोडा-थोडा  कर  के  उन्हें  सींचते  रहे  और  पूरे  रास्ते  को  इतना  खूबसूरत  बना  दिया . आज तुम्हारी  वजह  से  ही  मैं  इन  फूलों  को  भगवान  को  अर्पित  कर  पाता  हूँ  और   अपना  घर  सुन्दर  बना  पाता  हूँ . तुम्ही  सोचो  अगर  तुम  जैसे  हो  वैसे  नहीं  होते  तो  भला  क्या  मैं  ये  सब  कुछ  कर  पाता ?”


दोस्तों  हम  सभी  के  अन्दर  कोई  ना  कोई  कमी  होती है  , पर यही कमियां हमें अनोखा  बनाती हैं . उस किसान की  तरह  हमें  भी  हर  किसी  को  वो  जैसा  है  वैसे  ही स्वीकारना चाहिए  और  उसकी  अच्छाई  की  तरफ  ध्यान  देना  चाहिए, और जब हम ऐसा करेंगे तब “फूटा घड़ा” भी “अच्छे घड़े” से मूल्यवान हो जायेगा.



#आम_की_गुठलियाँ |

आम कि गुठीलिया एक प्रेणादायक कहानी




#Hindi_Story_on_Patience | धैर्य व सब्र पर प्रेरणादायक कहानी


अरविन्द के अन्दर धैर्य बिलकुल भी नहीं था. वह एक काम शुरू करता…कुछ दिन उसे करता और फिर उसे बंद कर दूसरा काम शुरू कर देता. इसी तरह कई साल बीत चुके थे और वह अभी तक किसी बिजनेस में सेटल नहीं हो पाया था. 

 
अरविन्द की इस आदत से उसके माता-पिता बहुत परेशान थे. वे जब भी उससे कोई काम छोड़ने की वजह पूछते तो वह कोई न कोई कारण बता खुद को सही साबित करने की कोशिश करता. 


अब अरविन्द के सुधरने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही थी कि तभी पता चला कि शहर से कुछ दूर एक आश्रम में  बहुत पहुंचे हुए गुरु जी का आगमन हुआ. दूर-दूर से लोग उनका प्रवचन सुनने आने लगे. 

आम कि गठीलीया कि एक प्रेणादायक कहानी


एक दिन अरविन्द के माता-पिता भी उसे लेकर महात्मा जी के पास पहुंचे.


उनकी समस्या सुनने के बाद उन्होंने अगले दिन सुबह-सुबह अरविन्द को अपने पास बुलाया 


गुरु जी उसे एक  बागीचे में ले गए और धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए बोले. 


बेटा तुम्हारा पसंदीदा फल कौन सा है.


“आम” अरविन्द बोला.


ठीक है बेटा !  जरा वहां रखे बोरे में से कुछ आम की गुठलियाँ निकालना और उन्हें यहाँ जमीन में गाड़ देना.  


अरविन्द को ये सब बहुत अजीब लग रहा था लेकिन गुरु जी बात मानने के अलावा उसके पास कोई चारा भी नहीं था. 


उसने जल्दी से कुछ गुठलियाँ उठायीं और फावड़े से जमीन खोद उसमे गाड़ दीं.


फिर वे अरविन्द को लेकर वापस आश्रम में चले गए. 


करीब आधे घंटे बाद वे अरविन्द से बोले, “जरा बाहर जा कर देखना उन  गुठलियों में से फल निकला की नहीं!”

 
“अरे! इतनी जल्दी फल कहाँ से निकल आएगा… अभी कुछ ही देर पहले तो हमने गुठलियाँ जमीन में गाड़ी थीं.”


“अच्छा, तो रुक जाओ थोड़ी देर बाद जा कर देख लेना!”


कुछ देर बाद उन्होंने अरविन्द से फिर बाहर जा कर देखने को कहा.


अरविन्द जानता था कि अभी कुछ भी नहीं हुआ होगा, पर फिर भी गुरु जी के कहने पर वह बागीचे में गया.

Moral story of hindi 


लौट कर बोला, “कुछ भी तो नहीं हुआ है गुरूजी…आप फल की बात कर रहे हैं अभी तो बीज से पौधा भी नहीं निकला है.”


“लगता है कुछ गड़बड़ है!”, गुरु जी ने आश्चर्य से कहा.


“अच्छा, बेटा ऐसा करो, उन गुठलियों को वहां से निकाल के कहीं और गाड़ दो…”


अरविन्द को गुस्सा तो बहुत आया लेकिन वह दांत पीस कर रह गया.


कुछ देर बाद गुरु जी फिर बोले, “अरविन्द बेटा, जरा बाहर जाकर देखो…इस बार ज़रूर फल निकल गए होंगे.”


अरविन्द इस बार भी वही जवाब लेकर लौटा और बोला, “मुझे पता था इस बार भी कुछ नहीं होगा…. कुछ फल-वाल नहीं निकला…”


“….क्या अब मैं अपने घर जा सकता हूँ?”


“नहीं, नहीं रुको…चलो हम इस बार गुठलियों को ही बदल कर देखते हैं…क्या पता फल निकल आएं.”


इस बार अरविन्द ने अपना धैर्य खो दिया और बोला, “मुझे यकीन नहीं होता कि आपके जैसे नामी गुरु को इतनी छोटी सी बात पता नहीं कि कोई भी बीज लगाने के बाद उससे फल निकलने में समय लगता है….आपको  बीज को खाद-पानी देना पड़ता है ….लम्बा इन्तजार करना पड़ता है…तब कहीं जाकर फल प्राप्त होता है.”


गुरु जी मुस्कुराए और बोले-



बेटा, यही तो मैं तुम्हे समझाना चाहता था…तुम कोई काम शुरू करते हो…कुछ दिन मेहनत करते हो …फिर सोचते हो प्रॉफिट क्यों नहीं आ रहा!  इसके बाद तुम किसी और जगह वही या कोई नया काम शुरू करते हो…इस बार भी तुम्हे रिजल्ट नहीं मिलता…फिर तुम सोचते हो कि “यार! ये धंधा ही बेकार है!


एक बात समझ लो जैसे आम की गुठलियाँ तुरंत फल नहीं दे सकतीं, वैसे ही कोई भी कार्य तब तक अपेक्षित फल नहीं दे सकता जब तक तुम उसे पर्याप्त प्रयत्न और समय नहीं देते.  


इसलिए इस बार अधीर हो आकर कोई काम बंद करने से पहले आम की इन गुठलियों के बारे में सोच लेना …. कहीं ऐसा तो नहीं कि तुमने उसे पर्याप्त समय ही नहीं दिया!


अरविन्द अब अपनी गलती समझ चुका था. उसने मेहनत और धैर्य के बल पर जल्द ही एक नया व्यवसाय खड़ा किया और एक कामयाब व्यक्ति बना.

•••••••••••••••••

#गार्बेज_ट्रक


गार्बेज ट्रक, एक प्रेणादायक कहानी


 
एक  दिन  एक  आदमी  टैक्सी  से  एअरपोर्ट  जा  रहा  था, टैक्सी  वाला  कुछ  गुनगुनाते  हुए  बड़े  इत्मीनान  से  गाड़ी  चला  रहा  था कि अचानक  एक  दूसरी  कार  पार्किंग  से  निकल  कर  रोड  पर  आ  गयी  , टैक्सी  वाले  ने  तेजी  से  ब्रेक  लगायी , गाड़ी  स्किड  करने  लगी  और  बस  एक -आध  इंच  से  सामने  वाली  कार  से  लड़ते -लड़ते  बची। 


आदमी  ने  सोचा कि टैक्सी  वाला  कार  वाले  को  भला -बुरा  कहेगा …लेकिन  इसके  उलट  सामने  वाला  ही  पीछे  मुड़  कर  उसे   गलियां  देने  लगा . इसपर  टैक्सी  वाला  नाराज़  होने  की  बजाये  उसकी  तरफ  हाथ  हिलाते  हुए  मुस्कुराने  लगा , और  धीरे -धीरे  आगे  बढ़  गया। 

 
आदमी  ने आश्चर्य से पूछा  “ तुमने  ऐसा  क्यों  किया  ?  गलती  तो  उस  आदमी  की  थी ,उसकी  वजह  से  तुम्हारी  गाडी  लड़  सकती  थी  और  हम होस्पिटलाइज  भी  हो  सकते  थे .!”

गार्बेज ट्रक कि कहानी


“सर  जी ”, टैक्सी  वाला बोला , “ बहुत  से  लोग  गार्बेज  ट्रक  की  तरह  होते  हैं . वे  बहुत  सार  गार्बेज  उठाये  हुए  चलते  हैं ,फ्रस्ट्रेटेड, हर  किसी  से  नाराज़  और  निराशा से भरे …जब  गार्बेज  बहुत  ज्यादा  हो  जाता  है  तो  वे  अपना  बोझ  हल्का  करने  के  लिए  इसे  दूसरों  पर  फेंकने  का  मौका  खोजने  लगते   हैं ,  पर  जब  ऐसा कोई आदमी  मुझे  अपना  शिकार  बनाने की  कोशिश  करता  हैं  तो  मैं बस  यूँही  मुस्कुरा  के  हाथ हिल कर  उनसे  दूरी  बना  लेता  हूँ …किसी को  भी  उनका  गार्बेज  नहीं  लेना  चाहिए  , अगर  ले  लिया  तो  शायद  हम   भी  उन्ही  की  तरह  उसे   इधर  उधर  फेंकने  में  लग  जायेंगे …घर  में ,ऑफिस  में  सड़कों  पर …और  माहौल  गन्दा  कर देंगे , हमें  इन  गार्बेज ट्रक्स  को  अपना  दिन  खराब  नहीं  करने  देना  चाहिए . ज़िन्दगी  बहुत  छोटी  है कि  हम  सुबह  किसी  अफ़सोस  के साथ उठें , इसलिए … उनसे  प्यार  करो  जो  तुम्हारे  साथ अच्छा  व्यवहार  करते  हैं  और  जो  नहीं करते  उन्हें  माफ़  कर  दो .”


Friends, सोचने  की  बात  है  कि  क्या  हम  intentionally garbage trucks को  avoid करते  हैं , या  उससे  भी  बड़ी  बात कि कहीं  हम  खुद   गार्बेज  ट्रक तो  नहीं  बन  रहे ??? चलिए  इस कहानी से सीख लेते हुए हम  खुद  गुस्सा  करने  से  बचें  और  frustrated लोगों  से  उलझने  की  बजाये  उन्हें  माफ़  करना  सीखें। 

————————-


#मिट्टी_का_खिलौना


मिटी कि खिलौना , एक प्रेणादायक कहानी



एक गांव में एक कुम्हार रहता था, वो मिट्टी के बर्तन व खिलौने बनाया करता था, और उसे शहर जाकर बेचा करता था। जैसे तैसे उसका गुजारा चल रहा था, एक दिन उसकी बीवी बोली कि अब यह मिट्टी के खिलोने और बर्तन बनाना बंद करो और शहर जाकर कोई नौकरी ही कर लो, क्यूँकी इसे बनाने से हमारा गुजारा नही होता, काम करोगे तो महीने के अंत में कुछ धन तो आएगा। कुम्हार को भी अब ऐसा ही लगने लगा था, पर उसको मिट्टी के खिलोने बनाने का बहुत शौक था, लेकिन हालात से मजबूर था, और वो शहर जाकर नौकरी करने लगा, नौकरी करता जरूर था पर उसका मन अब भी, अपने चाक और मिट्टी के खिलोनों मे ही रहता था।


समय बितता गया, एक दिन शहर मे जहाँ वो काम करता था,उस मालिक के घर पर उसके बच्चे का जन्मदिन था। सब महंगे महंगे तोहफे लेकर आये, कुम्हार ने सोचा क्यूँ न मै मिट्टी का खिलौना बनाऊ और बच्चे के लिए ले जाऊ, वैसे भी हम गरीबों का तोहफा कौन देखता है। यह सोचकर वो मिट्टी का खिलौना ले गया. जब दावत खत्म हुई तो उस मालिक के बेटे को और जो भी बच्चे वहा आए थे सबको वो खिलोना पंसद आया और सब जिद करने लगे कि उनको वैसा ही खिलौना चाहिए। सब एक दूसरे से पूछने लगे की यह शानदार तोहफा लाया कौन, तब किसी ने कहा की यह तौहफा आपका नौकर लेकर आया.

मिटी कि खिलौना , एक प्रेणादायक कहानी


सब हैरान पर बच्चों के जिद के लिए, मालिक ने उस कुम्हार को बुलाया और पूछा कि तुम ये खिलौना कहाँ से लेकर आये हो, इतना मंहगा तोहफा तूम कैसे लाए? कुम्हार यह बाते सुनकर हंसने लगा और बोला माफ कीजिए मालिक, यह कोई मंहगा तोहफा नही है, यह मैने खुद बनाया है, गांव मे यही बनाकर मै गुजारा करता था, लेकिन उससे घर नही चलता था इसलिए आपके यहाँ नौकरी करने आया हूं। मालिक सुनकर हैरान हो गया और बोला की तुम क्या अभी यह खिलोने और बना सकते हो, बाकी बच्चों के लिए? कुम्हार खुश होकर बोला हाँ मालिक, और उसने सभी के लिए शानदार रंग बिरंगे खिलौने बनाकर दिए।


यह देख मालिक ने सोचा क्यूँ ना मै, इन खिलौने का ही व्यापार करू और शहर मे बेचू। यह सोचकर उसने कुम्हार को खिलौने बनाने के काम पर ही लगा दिया और बदले मे हर महीने अचछी तनख्वाह और रहने का घर भी दिया। यह सब पाकर कुम्हार और उसका परिवार भी बहुत खुश हो गया और कुम्हार को उसके पंसद का काम भी मिल गया.

Real inspritional story in hindi


 
इस कहानी का मूल अर्थ यह है की हुनर हो तो इंसान कभी भी किसी भी परिस्थिति मे उस हुनर से अपना जीवन सुख से जी सकता है और जग मे नाम करता है।


आपने अगर स्टोरी पूरी पढ़ी हो  औऱ कोई मिस्टेक हुआ हो तो उसके लिए छमा चाहता हूँ , आप हमें कमेंट करके बता सकते हैं कि कैसी लगी आपको ये लव स्टोरी.....✍️✍️ plzz write ur comment of this story .......
Thanku ❤️❤️🙏🙏😍😍


Written By –✍ @Aryan-Rani❤️😘 



Dear Reader, My name is Aryan Yadav . I have been blogging for last 6 month and I have been giving Heart touching love story content as far as possible to the reader. Hope you like everyone, please share your classmate and with friends too.....❤️🙏🙏

टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें

if you have any doubts , please let me know

MOST POPULAR POST 😍