My Dream Girl मेरे सपनों की परी Heart Touching Love Story

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हेलो दोस्तों मैं हूं आपका दोस्त आर्यन , मैं एक राइटर हूं और मैं कहानियां लिखता हूँ , मेरे ब्लॉग में आपका स्वागत है और आज मैं सुनाने जा रहा हूँ एक कहानी, जिसका नाम हैं मेरे सपनों कि रानी न जाने वो आसमान की परी थीं या दिल चुराने वाली सहजादी , जो भी थीं आज उसने मेरा भी दिल चुरा लिया उसकी एक झलक ने........मेरे दिल पे ऐसा जादू  किया कि बस मेरा दिल उसकी एक झलक देखने को  बेकरार हैं ......कौन थी वो , और कहा चली गई.....तो शुरू करते हैं अपनी लव स्टोरी को .....💔 My Dream Girl मेरे सपनों की परी Heart Touching Love Story प्यार जीवन का वह खूबसूरत एहसास होता हैं जो जीवन को और भी खूबसूरत बना देता हैं। यह खूबसूरत एहसास सभी के जीवन में कम से कम एक बार तो हुआ ही होगा, जो उनके जीवन के सबसे खूबसूरत यादें में से एक होता हैं। तो चलिए शुरू करते हैं हम आज की कहानी जिसका नाम हैं  My Dream Girl  मेरे सपनों की परी  Hindi Love Story ।  यह कहानी मेरी ( आर्यन ) है मैं पेशे से एक डॉक्टर हूँ, दिखने में बहुत सामान्य सा हूँ। वैसे तो मुझे घर में सभी बहुत प्यार करते हैं, पर मुझे दुख इस बात का था कि मेरे परिवार के अलावा म

RAJINIKANTH BIOGRAPHY IN HINDI बस कंडक्टर से बनें सुपरस्टार रजनीकांत कि कहानी

रजनीकांत सर कि सफलता की कहानी


हेलो दोस्तों मैं हूं आपका दोस्त आर्यन , मैं एक राइटर हूं और मैं सच्ची घटना पे आधरित कहानियां लिखता हूँ , मेरे ब्लॉग में आपका स्वागत है और आज मैं सुनाने जा रहा हूँ , आपको रजनीकांत सर कि सफलता कि सच्ची कहानी, कैसे एक इंसान ने बस कंडक्टर से बॉलीवुड का रास्ता तय करते हैं , इस कहानी को सुनने के बाद आप भी उनके तरह बनने कि सोचोगे.......


जीवन में या किसी भी व्यवसाय (business) में सफलता प्राप्त करने के लिए लगातार सकारात्मक (positive) रहना बहुत आवश्यक है। अपने आप को उस क्षेत्र में ले जाए जहां बहुत ज्यादा मुश्किलें हो, और जहां आपकी इच्छा अनुसार कुछ नहीं हो रहा हो। हम में से ज्यादातर लोग, असफल होने पर इतने निराश हो जाते हैं कि हार मान लेते हैं। उन्हें लगता हैं कि ऐसा उनके साथ ही क्यों हुआ? लेकिन हमें यह समझना होगा कि सफलता तक पहुँचने का रास्ता असफलता की गलियों से ही गुजरता हैं। दुनिया में कोई भी सफल व्यक्ति ऐसा नहीं होगा जिसने असफलता का सामना न किया हो। अगर विश्वास न हो तो विश्व के इन सफल व्यक्तियों की असफलताओं की कहानी पढ़िए।


सफलता की कहानी


Success story of rajnikanth



रजनीकांत आम लोगों के लिए उम्मीद का प्रतीक। यह कहना कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी कि रजनीकांत ऐसे इंसान हैं जिन्होंने फर्श से अर्श तक आने की कहावत को सत्य साबित करके बताया हो। दुनिया में ऐसे कई लोग हैं जिन्होंने बड़ी-बड़ी सफलताएं अर्जित की पर जिस तरह रजनीकांत ने अभावों और संघर्षों में इतिहास रचा है वैसा पूरी दुनिया में कम ही लोग कर पाएं होंगे। एक कारपेंटर से कुली बनने, कुली से बी.टी.एस. कंडक्टर और फिर एक कंडक्टर से विश्व के सबसे ज्यादा प्रसिद्ध सुपरस्टार बनने तक का सफ़र कितना परिश्रम भरा होगा ये हम सोच सकते हैं। रजनीकांत का जीवन ही नहीं बल्कि फिल्मी सफ़र भी कई उतार चढ़ावों से भरा रहा है। जिस मुकाम पर आज रजनीकांत काबिज हैं उसके लिए जितना परिश्रम और त्याग चाहिए होता है शायद रजनीकांत ने उससे ज्यादा ही किया है।

RAJINIKANTH BIOGRAPHY IN HINDI 


संघर्षपूर्ण बचपन:-रजनीकांत का जन्म 12 दिसम्बर 1950 को कर्नाटक के बैंगलोर में एक बेहद मध्यमवर्गीय मराठी परिवार में हुआ था। वे अपने चार भाई बहनों में सबसे छोटे थे। उनका जीवन शुरुआत से ही मुश्किलों भरा रहा, मात्र पांच वर्ष की उम्र में ही उन्होंने अपनी माँ को खो दिया था। पिता पुलिस में एक हवलदार थे और घर की माली स्थिति ठीक नहीं थी। रजनीकांत ने युवावस्था में कुली के तौर पर अपने काम की शुरुआत की फिर वे बी.टी.एस में बस कंडक्टर (bus conductor) की नौकरी करने लगे।


रजनीकांत का अंदाज़:-एक कंडक्टर के तौर पर भी उनका अंदाज़ किसी स्टार से कम नहीं था। वो अपनी अलग तरह से टिकट काटने और सीटी मारने की शैली को लेकर यात्रियों और दुसरे बस कंडक्टरों के बीच विख्यात थे। कई मंचों पर नाटक करने के कारण फिल्मों और एक्टिंग के लिए शौक तो हमेशा से ही था और वही शौक धीरे धीरे जुनून में तब्दील हो गया। लिहाज़ा उन्होंने अपना काम छोड़ कर चेन्नई के अद्यार फिल्म इंस्टिट्यूट में दाखिला ले लिया। वहां इंस्टिट्यूट में एक नाटक के दौरान उस समय के मशहूर फिल्म निर्देशक के. बालचंद्र की नज़र रजनीकांत पर पड़ी और वो रजनीकांत से इतना प्रभावित हुए कि वहीँ उन्हें अपनी फिल्म में एक चरित्र निभाने का प्रस्ताव दे डाला। फिल्म का नाम था अपूर्व रागांगल। रजनीकांत की ये पहली फिल्म थी पर किरदार बेहद छोटा होने के कारण उन्हें वो पहचान नहीं मिल पाई, जिसके वे योग्य थे। लेकिन उनकी एक्टिंग की तारीफ़ हर उस इंसान ने की जिसकी नज़र उन पर पड़ी।

बस कंडक्टर से बनें सुपरस्टार रजनीकांत कि कहानी

विलेन से हीरो बने:-रजनीकांत का फिल्मी सफ़र भी किसी फिल्म से कम नहीं। उन्होंने परदे पर पहले नकारात्मक चरित्र और विलेन के किरदार से शुरुआत की, फिर साइड रोल किये और आखिरकार एक हीरो के तौर पर अपनी पहचान बनाई। हालांकि रजनीकान्त, निर्देशक के. बालचंद्र को अपना गुरु मानते हैं पर उन्हें पहचान मिली निर्देशक एस.पी मुथुरामन की फिल्म चिलकम्मा चेप्पिंडी से। इसके बाद एस.पी. की ही अगली फिल्म ओरु केल्विकुर्री में वे पहली बार हीरो के तौर पर अवतरित हुए। इसके बाद रजनीकांत ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और दर्जनों हिट फिल्मों की लाइन लगा दी। बाशा, मुथू, अन्नामलाई, अरुणाचलम, थालाप्ति उनकी कुछ बेहतरीन फिल्मों में से एक हैं।


Biography story of rajnikanth



उम्र कोई मायने नहीं रखती:-रजनीकांत ने यह साबित कर दिया की उम्र केवल एक संख्या है और अगर व्यक्ति में कुछ करने की ठान ले तो उम्र कोई मायने नहीं रखती। 65 वर्ष के उम्र के पड़ाव पर वे आज भी वे शिवाजी- द बॉस, रोबोट, कबाली जैसी हिट फिल्में देने का माद्दा रखते हैं। 65 वर्षीय रजनीकांत के लोग इतने दीवाने है कि कबाली फिल्म ने रिलीज़ होने से पहले ही 200 करोड़ रूपये कमा लिए। एक समय ऐसा भी था जब एक बेहतरीन अभिनेता होने के बावजूद उन्हें कई वर्षों तक नज़रंदाज़ किया जाता रहा पर उन्होंने अपनी हिम्मत नहीं हारी। ये बात रजनीकांत के आत्मविश्वास को और विपरीत परिस्तिथियों में भी हार न मानने वाले जज्बे का परिचय देती है।


जमीन से जुड़े हुए:-रजनीकांत आज इतने बड़े सुपर सितारे होने के बावजूद ज़मीन से जुड़े हुए हैं। वे फिल्मों के बाहर असल जिंदगी में एक सामान्य व्यक्ति की तरह ही दिखते है। वे दूसरे सफल लोगों से विपरीत असल जिंदगी में धोती-कुर्ता पहनते है। शायद इसीलिए उनके प्रशंसक उन्हें प्यार ही नहीं करते बल्कि उनको पूजते हैं। रजनीकांत के बारे में ये बात जगजाहिर है कि उनके पास कोई भी व्यक्ति मदद मांगने आता है वे उसे खाली हाथ नहीं भेजते। रजनीकांत कितने प्रिय सितारे हैं, इस बात का पता इसी से लगाया जा सकता है कि दक्षिण में उनके नाम से उनके प्रशंसकों ने एक मंदिर बनाया है। इस तरह का प्यार और सत्कार शायद ही दुनिया के किसी सितारे को मिला हो। चुटुकलों की दुनिया में रजनीकांत को ऐसे व्यक्ति के रूप में जाना जाता है जिसके लिए नामुनकिन कुछ भी नहीं और रजनीकांत लगातार इस बात को सच साबित करते रहते है। आज वे 65 वर्ष की उम्र में रोबोट-2 फिल्म पर काम कर रहे है, उनका यही अंदाज लोगों के दिलों पर राज करता है।


जीवन में या किसी भी व्यवसाय (business) में सफलता प्राप्त करने के लिए लगातार सकारात्मक (positive) रहना बहुत आवश्यक है। अपने आप को उस क्षेत्र में ले जाए जहां बहुत ज्यादा मुश्किलें हो, और जहां आपकी इच्छा अनुसार कुछ नहीं हो रहा हो। हम में से ज्यादातर लोग, असफल होने पर इतने निराश हो जाते हैं कि हार मान लेते हैं। उन्हें लगता हैं कि ऐसा उनके साथ ही क्यों हुआ? लेकिन हमें यह समझना होगा कि सफलता तक पहुँचने का रास्ता असफलता की गलियों से ही गुजरता हैं। दुनिया में कोई भी सफल व्यक्ति ऐसा नहीं होगा जिसने असफलता का सामना न किया हो। अगर विश्वास न हो तो विश्व के इन सफल व्यक्तियों की असफलताओं की कहानी पढ़िए।


तो दोस्तों कैसी लगी आपको रजनीकांत सर कि सफतला कि कहानी , अगर अच्छा लगा हो तो आप इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर और हमें कमेंट करके बताए ।


मेरे द्वरा लिखन में अगर कोई मिस्टेक हुआ या फ़िर कोई कमी रह गई हो तो उसके लिए छमा चाहता हूँ , आप हमें कमेंट करके अपना रिएक्शन दे सकते हैँ ..✍️✍️ plzz write ur comment .......


Thanku ❤️❤️🙏🙏😍😍



Written By –✍ @Aryan-Rani❤️😘 


Dear Reader, My name is Aryan Yadav . I have been blogging for last 6 month and I have been giving Heart touching love story content as far as possible to the reader. Hope you like everyone, please share your classmate and with friends too.....❤️🙏🙏

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