संदेश

नवंबर 27, 2022 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

वैलेंटाइन डे की कहानी, कब है, क्यों मनाया जाता है, मतलब क्या होता है(Valentine’s Day Date, Story, Kab Hai aur itihas Hindi)

चित्र
हेलो दोस्तों मैं हूं आपका दोस्त आर्यन मैं एक राइटर हूं जैसा कि आप सभी जानते हैं औऱ आज मैं बताने वाला हूँ कि Valentine day itna special क्यों हैं औऱ इसकी शुरुआत कब से शुरू हुआ ,औऱ साथ में जानेंगे कि  वैलेंटाइन डे क्यों मनाया जाता है, valentine का मतलब क्या होता है, सब कुछ इस पोस्ट के ज़रिए हम पढ़ेंगे...........😍❣️😘 दुनिया का हर बंधन प्यार से बना होता है, अगर प्यार न हो, तो जिन्दगी में खुशियाँ नहीं हो सकती, वैसे प्यार का इज़हार कभी वक्त या मुहूर्त देखकर नहीं किया जाता, प्यार बिन बोले ही बयाँ हो जाता है, प्यार अहसास का एक ऐसा समुंदर है, जिसमे अगर तूफ़ान भी आये, तो किसी को नुकसान नहीं पहुंचाता. प्यार त्याग, विश्वास की एक ऐसी डोर है, जिसे बस महसूस कर सकते है, जिसे शब्दों में पिरोना आसान नहीं.   ऐसे ही प्यारे अहसास को जब एक त्यौहार (Valentine’s Day) के रूप में मनाया जाता है, तब वह दिन एक यादगार दिन बन जाता है दीवाली ,  राखी ,  क्रिसमस ,  होली  जैसे सारे त्यौहार जब भी मनाये जाते है, उनसे अपनों के बीच प्यार और भी गहरा हो जाता है, प्यार को वैसे किसी विशेष दिन की जरुरत नहीं , ऐसे ही प्यार से भरा

प्यार का सही मतलब -Pyar Ka Matlab beautiful short story

चित्र
हेलो दोस्तों मैं हूं आपका दोस्त आर्यन , मैं एक राइटर हूं और मैं सच्ची घटना पे आधरित कहानियां लिखता हूँ , मेरे ब्लॉग में आपका स्वागत है और आज मैं सुनाने जा रहा हूँ , प्यार का सही मतलब 💔 क्योंकि बहुत लोगों को प्यार का मतलब बस Gf -  Bf ही नज़र आता हैं। प्यार या प्रेम एक एहसास है, जो दिमाग से नहीं दिल से होता है और इसमें अनेक भावनाओं व अलग अलग विचारो का समावेश होता है। प्रेम स्नेह से लेकर खुशी की ओर धीरे धीरे अग्रसर करता है। ये एक मज़बूत आकर्षण और निजी जुड़ाव की भावना है जो सब भूलकर उसके साथ जाने को प्रेरित करती है। प्यार या प्रेम एक एहसास है, जो दिमाग से नहीं दिल से होता है और इसमें अनेक भावनाओं व अलग अलग विचारो का समावेश होता है। प्रेम स्नेह से लेकर खुशी की ओर धीरे धीरे अग्रसर करता है। ये एक मज़बूत आकर्षण और निजी जुड़ाव की भावना है जो सब भूलकर उसके साथ जाने को प्रेरित करती है। अग़र सच्च कहु प्यार तो दो आत्माओं का मिलन है। कोई किसी को कब अच्छा लग जाए, कब किसे दिल दे बैठे यह कहा नहीं जा सकता।  प्यार किसी सूरत या लेन-देनसे मतलब नहीं रखता। प्यार में बस सच्चाई होनी चाहिए।  ये ज़रूरी नहीं कि जि