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दिसंबर 16, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

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सालों बाद उसकी कॉल आई मेरे पास-Saalo bad uski call aayi mere pass , very sad love story in hindi

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हेलो दोस्तों मैं हूं आपका दोस्त आर्यन , मैं एक राइटर हूं और मैं कहानियां सुनाता हूँ , मेरे ब्लॉग में आपका स्वागत है और आज मैं सुनाने जा रहा हूँ “सालों बाद उसकी कॉल आई मेरे पास .....” एक ऐसी लव स्टोरी जो आपकी मोहब्बत कि यादों को ताजा कर दी कि अगर आपने भी सच अगर सच्चा प्यार किया होगा तो किसी से तो ये लव स्टोरी  आपके दिल और दिमाग को रुला देगी , औऱ बोलेगी , ये मोहबत इतना कमबख्त क्यूँ होता हैं ... ये 2022 कि मेरी पहली लव स्टोरी हैं , आप सभी विवेर्स  को HAPPY NEW YEAR   🙏😍  आर्यन के तरफ़ से अगर ये लव स्टोरी पसंद आए तो अपना बहुमूल्य कमेंट देकर जरूर बताना , हमें मोटिवेशन मिलेगा , लिखिका के लिए .... तो चलिए शुरू करते हैं इस क्यूट सी सैड स्टोरी को 😔😣😓 सालों बाद उसकी कॉल आई मेरे पास .....” यही रात के करीब 1:30 बज रहे थे मैं जगा हुआ था। इंस्टाग्राम पर फीड्स स्क्रॉल कर रहा था memes देख रहा था अचानक एक अननोन नंबर से कॉल आई..... मुझे समझ में नहीं आया कि इतनी रात को आखिर कौन हो सकता है मैंने सोचा इग्नोर कर देता हूं अगर कोई इंपॉर्टेंट कॉल होगी तो दोबारा आ जाएगी। I ignore it , लेकिन वो ऑफ फिर आई मै

मेरे बचपन की रोचक कहानियां जो आप सभी को पढ़ना चाहिए- A best story of childhood in hindi

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नमस्कार साथियों , मैं हूँ आपका दोस्त आर्यन आज हम अपने बचपन की कुछ मजेदार लम्हों जो आपके साथ शेयर करना चाहता हूं। बचपन के वो दिन जब भी याद आते हैं ना सच में एक अलग सा फीलिंग आता है कि वो भी क्या दिन थे। तो चलिए फिर शुरू करते हैं अपने बचपन की कुछ यादें को आपके साथ साझा करने की.....👨‍👨‍👦💏 इस कहानी की जो मुख्य किरदार है वह एक राइटर साहेब आर्यन जी और उनके दोस्त अंकित जो कि दोनों बहुत अच्छे दोस्त है। जो कि उनके कॉलेज फ्रेंड भी हैं...... इस कहानी की शुरुआत तब से होता है जब मैं बहुत छोटा था जब दिसंबर की छुट्टियों में अपने गाँवजाया करता था। खेतों से फसलें कट चुकी होती थीं। खेत वीरान दिखते थे। लोग खलिहानों में काम कर रहे होते थे। मैं अकसर दोपहर में घूमने निकलता था। अंकित मेरा दोस्त भी मेरे साथ होता था। गाँव में वह मेरा एकमात्र मित्र था। एक दिन नदी किनारे एक पेड़ के पास मैं अचानक रुक गया। सर उठाकर उस पेड़ को टकटकी लगाए देखने लगा। पेड़ में काफी घने जाले लगे हुए थे। पेड़ की पत्तियाँ भी कहीं-कहीं से सूखी हुई थीं। मैं कुछ पूछता उसके पहले ही अंकित भाग निकला। मैं कुछ समझ नहीं पाया। दूर जाकर उसने मु